Thursday, June 26, 2014

Bachpan (Childhood)


बचपन के पल
मॉ की डांट, पापा का पुचकारना,
वो ननहे कदमों से
घर भर में घूमना,
वो किसी बात पर रूठ जाना
फिर पल में खुद मान जाना,
किसी कि शिकायत किसी से छिपाना
अगले ही पल खुद बताना,
बारिश में खुल कर भीगना
क्षण भर में माँ के
आचँल में छिप जाना,
हसँना, खेलना, रूठना, मनाना
क्षण भर के पलो का
खूब आनंद उठाना,
और कहीं यह बीत जाए
तो कभी वापस ना आए,
तो दिल से इस पल का आनंद उठाए...........